Love… Birds..

…◦•●◉✿ सुप्रभात ✿◉●•◦…
छोटीसी चिडिय़ा का क्या महत्व हो सकता है हमारी जींदगी मे, पहली नजर में शायद कुछ भी नहीं। लगता है वो होता नहीं है यह बात यहां गौर करने जैसी है, हमारे जीवन में चिडिय़ा का महत्व पर्यावरण संरक्षण के लिए है। कई वृक्षों के उदभव या पैदाइश कैवल पक्षियों के कारण संभव हो पाती है, उदाहरण रूप पवित्र पीपल कैवल कौओं कि वजह से पृथ्वी पर मोजूद है। ऐसे कई तरह के पैड पौधे चिडयों के कारण परागकण परावर्तित कर सकते हैं। हमारे लिए धरा पर पनपते हुए छोटे कीडों की सफाई का जिम्मा भी पक्षियों के शीर है। विज्ञान को प्रमाण मिला है कि पक्षियों को आकाशीय विपत्तियों की समय से पहले जानकारी प्राप्त हो जाती है। दुनिया को रंगों से सजाने वाले ईस नन्हें जीव को संरक्षित रखने का प्रण लें……. जय श्री कृष्ण
▁ ▂ ▅ आपका दिन शुभ हो ▅ ▂ ▁ ।।।। ıllıllı शैलेष पटेल ıllıllı ।।।।

Why need The GOD..

…◦•●◉✿ सुप्रभात ✿◉●•◦…
हम भगवान की शरण में क्यों जाते हैं, आशा से, निराशा से या प्रभु प्रेम में समर्पण की पिपासा से। पहला है आशा से -जैसे दुर्योधन भगवान के पास गया कामनाओ का विष लेकर -प्रभु के समझाने पर भी मांगी तो नारायणी सेना ही माँगी कुछ लोग ऐसे ही होते है, दुर्योधन के स्तर के शरणागत। दूसरे वे होते है जो निराशा से भगवान के पास जाते है जैसे विभीषण, जो भक्ति और सच्चाई पर ठोकर खा कर, भगवान की शरण में आये ऐसे ही जिनका संसार में सब लुट गया, पत्नी पुत्र सबने ठुकरा दिया, निराश हो कर प्रभु की शरण में आते है। तीसरे वे होते है जिनको केवल परमात्मा प्रेम की पिपासा होती है, जैसे मीरा और यही सर्वोत्कृष्ट प्रेम का रूप है जिसमें स्वेच्छा से अपना सब कुछ छोड़ कर, प्रभु के समीप आने की आतुरता होती और भगवान् को भी यही सर्वाधिक प्रिय होते हैं…… जय श्री कृष्ण
▁ ▂ ▅ आपका दिन शुभ हो ▅ ▂ ▁ ।।।। ıllıllı शैलेष पटेल ıllıllı ।।।।

Be alert…

…◦•●◉✿ सुप्रभात ✿◉●•◦…
हम कभी कभी हमारे विचार, हमारी शिक्षा और हमारे व्यवहार के विपरीत कुछ ऐसा वर्तन कर जाते है जीसके लिए बाद में हमें बहुत पछतावा होता है। हमारी मंशा नहीं थी, हमने कभी ऐसा सोचा भी नहीं लेकिन जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था यह यकीन हमें हो तो हमें हमारे आसपास नजर रखने की जरूरत है। हमारे सबसे नजदीक कोई तो है जो हमारे वर्तन, हमारे शब्दों या हमारे व्यवहार को प्रभावित करता है। हमारी जानकारी के बाहर, हमारे कानों में कुछ ऐसा डाला जाता है जो हमारे भविष्य के लिए अच्छा नहीं है। ईसे समय पर पहचाना जाता है तो कम नुकशानदेह है। पहचानने के बाद अनसुना करना ओर रोकना होगा…… जय श्री कृष्ण
▁ ▂ ▅ आपका दिन शुभ हो ▅ ▂ ▁ ।।।। ıllıllı शैलेष पटेल ıllıllı ।।।।

Rule of Transience..

…◦•●◉✿ सुप्रभात ✿◉●•◦…
सामाजिक तानेबाने मे अस्थायित्व का नियम (Rule of Transience) जिसके अनुसार प्रत्येक सामाजिक, आर्थिक नेटवर्क का अपना एक जीवनकाल होता है। नेटवर्क को कोई एक व्यक्ति नियन्त्रित नहीं करता, और न ही उसे अपने कब्ज़े में ले सकता है। नेटवर्क यानी एक जाल जो बेहद पेचीदा हैं, और विकसित होते रहने के साथ अपना स्वरूप बदलते रहता हैं। इसका कोई केन्द्रीय नियन्त्रण नहीं होता बल्कि यह ‘सूचना में सहभागिता’ के सिद्धान्त पर काम करते हैं। उदाहरण के लिए, विकिपीडिया एक ऐसी ही खुली सूचना व्यवस्था है, जिसमें उपलब्ध सूचनाओं को कोई भी व्यक्ति, अपने विचार से सम्पादित कर सकता है। सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि इसमें कोई भी स्थापित नियन्त्रण नहीं है, और कई स्वनियोजित समूहों की तरह इनमें औपचारिक रूप से किसी के पास कोई अधिकार नहीं होता, बल्कि किसी तरह का दुरुपयोग रोकने के लिए इसमें स्वयं पर नियन्त्रण और आपस में एक दूसरे पर दबाव बनाए रखते हुए निगरानी रखी जाती है। महत्वपूर्ण यह है कि ऐसे अनियंत्रित जंजाल मे रहते हुए भी अपने आप को नियंत्रित करते हुए अडीग रहना है…… जय श्री कृष्ण
▁ ▂ ▅ आपका दिन शुभ हो ▅ ▂ ▁ ।।।। ıllıllı शैलेष पटेल ıllıllı ।।।।

Health Investment Plan…

…◦•●◉✿ सुप्रभात ✿◉●•◦…

संभावित खराब समय या फिर ऐसी स्थिति जो अनचाही हो उससे निपटने के लिए हम SIP करना चाहते है या शुरू कर चुके है। अच्छा है ईसके साथ हम एक HIP की भी शरुआत कर लें। यह हेल्थ ईन्वेस्टमेंट प्लान है जीस मे पैसे का नहीं समय का ईन्वेस्टमेंट करना है। खुद के लिए समय, अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छा भोजन, सेहतमंद रहने के लिए आसपास का वातावरण सही रखना, बस यही हल्के फुल्के कार्यों के लिए समय देने से HIP शुरू हो जाती है। उसका बहुत बडा लाभ भविष्य में मिलेगा, दुसरे पर बोझ नहीं बल्कि उनके लिए मोडल बनेंगे, शरीर पर दवाइयों का कम खर्च होगा। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हम अपने नजदीकी चाहनेवालों को खुश पाऐंगे, यही हमारे HIP की जमापूंजी है……. जय श्री कृष्ण

▁ ▂ ▅ आपका दिन शुभ हो ▅ ▂ ▁ ।।।। ıllıllı शैलेष पटेल ıllıllı ।।।।

Rule Of Echo..

…◦•●◉✿ सुप्रभात ✿◉●•◦…
सामाजिक विज्ञान में अनुनाद का नियम (Rule of Echo) भी होता है, जिसके मुताबिक हम सिर्फ़ अपने मित्रों से ही प्रभावित नहीं होते, बल्कि अपने मित्रों के मित्रों, और उनके मित्रों तक से प्रभावित होते हैं। यह बात सोश्यल मिडिया प्लेटफार्म बनाने वाले लोग अच्छी तरह समझते है ईसलिए हमारे मित्र लीष्ट मे सभी मित्रों के मित्रों को हमारी पोस्ट भेजने की अनुमति पहले से ही लें ली जाती है। हमारे कार्य का प्रभाव ओर मित्रों के कार्य का प्रभाव संमलितरुप से एक अद्भुत ओर अदृश्य अनुनाद पैदा करता है। इस तरह हम जो भी कुछ करते हैं, उसकी प्रतिध्वनि या अनुनाद अपनी ऊर्जा और असर ख़त्म होने से मित्रों के तीन स्तरों के बीच गूँजती है। यह बात जाने अन्जाने हमारी सोच, शक्ति ओर समस्या को हमसे जुड़े हुए सभी लोग तक बीना कहें पहुंच जाती है। यह अलग बात है कि यह अनुनाद की अनुभूति सभी को होते हुए भी ईस पर प्रतिक्रिया कुछ अच्छे मित्र ही करते है, ओर हमें ईससे सच्चे दोस्त का पता चलता है…… जय श्री कृष्ण

▁ ▂ ▅ आपका दिन शुभ हो ▅ ▂ ▁ ।।।। ıllıllı शैलेष पटेल ıllıllı ।।।।

Reality… News

…◦•●◉✿ सुप्रभात ✿◉●•◦…

रियालिटी शो, टीआरपी के मामले में पहले अव्वल थे लेकिन अब न्यूज चैनलों ने बाजी मार दी है। दोनों ने समाज को बुरी तरह से प्रभावित किया है। दोनों के वादे सच्चाई ओर हकीकत को बयान करते है लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। दोनों झुठलाते है, दोनों युवा वर्ग को गलत तरीके बताते है, गलत चीजों के लिए उकसाते है। सच्चाई कम बुराई ओर बकवास ज्यादा होने से समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। समस्या यह है कि कौन ज्यादा बुरा है या कौन ज्यादा सच्चा यह फर्क महसूस करने में दिक्कत होती है। ज्यादा चिल्लाने से गलत को सही कैसे साबित होगा यह समझ से बाहर है। हमें ऐसी बातों से बचना है…… जय श्री कृष्ण

▁ ▂ ▅ आपका दिन शुभ हो ▅ ▂ ▁ ।।।। ıllıllı शैलेष पटेल ıllıllı ।।।।

Reality… News

…◦•●◉✿ सुप्रभात ✿◉●•◦…

रियालिटी शो, टीआरपी के मामले में पहले अव्वल थे लेकिन अब न्यूज चैनलों ने बाजी मार दी है। दोनों ने समाज को बुरी तरह से प्रभावित किया है। दोनों के वादे सच्चाई ओर हकीकत को बयान करते है लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। दोनों झुठलाते है, दोनों युवा वर्ग को गलत तरीके बताते है, गलत चीजों के लिए उकसाते है। सच्चाई कम बुराई ओर बकवास ज्यादा होने से समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। समस्या यह है कि कौन ज्यादा बुरा है या कौन ज्यादा सच्चा यह फर्क महसूस करने में दिक्कत होती है। ज्यादा चिल्लाने से गलत को सही कैसे साबित होगा यह समझ से बाहर है। हमें ऐसी बातों से बचना है…… जय श्री कृष्ण

▁ ▂ ▅ आपका दिन शुभ हो ▅ ▂ ▁ ।।।। ıllıllı शैलेष पटेल ıllıllı ।।।।

Know ourselves…

…◦•●◉✿ सुप्रभात ✿◉●•◦…

चोटी पर पहुँच कर शिखर को बताना चाहीये, की मेरे सपने और हौसले तेरी ऊँचाई से भी बड़े है। शिखर पर पहुंचना हर किसी की चाहत होनी चाहिए, आत्मविश्वास, ताकत, हौसलें और साहस की चरम सीमा तक परीक्षा देनी है। जो इन परीक्षाओ में सफल हो जाता है वो चोटी तक पहुँच जाता है। अपनी ताकत अपने हौसलें और खुद के आत्मविश्वास को परखना जरूरी है। इस दुनिया मे हमारा क्या अस्तित्व है उसको जानने के लिए और सही तरीके से बयाँ करने के लिए एक दिन अपने आप की खोज में निकलना बहुत जरूरी है। यह शिखरयात्रा हमारी कसोटी के साथ हमें सामर्थ्यवान बनाती है…… जय श्री कृष्ण

▁ ▂ ▅ आपका दिन शुभ हो ▅ ▂ ▁ ।।।। ıllıllı शैलेष पटेल ıllıllı ।।।।

Satisfaction…

…◦•●◉✿ सुप्रभात ✿◉●•◦…

हम इंसान भी बहुत अजीब है। हमेशा कुछ ना कुछ जिंदगी से माँगते ही रहते है पर जितना मांगते है उतना ये जिंदगी कभी देती नही है। हमेशा ही कुछ न कुछ बाकी रह ही जाता है और हम अपनी किस्मत को दोष देते है पर अगर हम जो चाहें वो सब मिल जाता तो शायद इसका नाम जिंदगी न होता। यह अधुरापन हमें त्रस्त करता है, यही हमें असंतुष्ट करता है, यही अधुरापन हमें चैन से जीवन ज्ञापन नहीं करने देता है। ईस बात जब भी हमारी सोच बनती है, हमारे व्यवहार में उभरती है या हमारा कर्तव्य बनती है तो मानें कि अब कुछ भी जरूरी नहीं है…… जय श्री कृष्ण

▁ ▂ ▅ आपका दिन शुभ हो ▅ ▂ ▁ ।।।। ıllıllı शैलेष पटेल ıllıllı ।।।।

Create your website at WordPress.com
Get started